शिमला। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने 2024-25 के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) 2.0 और पीजीआई-डी रिपोर्ट जारी की हैं, जो हिमाचल प्रदेश की स्कूली शिक्षा के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण सुधार को दर्शाती हैं। पीजीआई एक साक्ष्य आधारित मूल्यांकन ढांचा है, जिसे स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से राज्यों,केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए कई शैक्षिक संकेतकों के आधार पर विकसित किया गया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य ने अपने कुल पीजीआई स्कोर में 85.4 अंकों का उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया, जो 2023-24 में 573.8 से बढ़कर 2024-25 में 659.2 हो गया।
परिणामस्वरूप, राज्य राष्ट्रीय स्तर पर 13वें स्थान से छठे स्थान पर पहुंच गया। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश 90.5 फीसदी समानता, 86.6 फीसदी पहुंच व शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण में 80.3 फीसदी की सफलता हासिल र्की। सबसे उल्लेखनीय सुधार सीखने के परिणामों और गुणवत्ता में देखा गया, जहां स्कोर 54.2 से बढ़कर 117.9 हो गया। यह विद्यार्थियों के सीखने और शैक्षिक गुणवत्ता में हुई महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है। बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में भी सुधार दर्ज किया गया। इसका स्कोर 97.0 से बढ़कर 110.5 हो गया। पीजीआई-डी 2024-25 के नतीजों में जिला स्तर पर भी मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला। 12 जिलों में से 11 ने उत्तम-3 श्रेणी हासिल की और हमीरपुर 417 अंकों के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला जिला बनकर उभरा। लाहौल-स्पीति जैसे जनजातीय जिलों ने भी सराहनीय सुधार दिखाते हुए 372 अंक हासिल किए।
